भैया का लंड खाना चाहती हूँ मैं Family Sex

हाय फ्रेंड्स मेरा नाम सुहाना है। मैं चंडीगढ़ की रहने वाली हूँ। hindi sex stories from ONSporn देखने में तो मै 24 साल से ऊपर की लगती हूँ। लेकिन मेरी उम्र अभी 21 साल है। मैं देखने में बहुत गजब की माल लगती हूँ। मै चुदने में भी बहोत माहिर हो चुकी हूँ। अब तक कई लोगो को अपनी चूत का रस चखा चुकी हूँ। मै जब भी बहोत जोश में होती हूँ तो अपनी चूत में ऊँगली करके अपने आप को कंट्रोल करती हूँ। मेरे को चुदने की लत मेरे बड़े भाई ने लगा दी। वो मेरे से दो साल बड़े हैं। देखने में हम दोनों एक ही उम्र के लगते हैं। हम दोनो भाई बहन मिल जुलकर रहते थे। एक दूसरे से ही सारी प्रॉब्लम डील करते थे। लेकिन किसी और को बीच में इन्वॉल्व नहीं करते थे। हम दोनो आपस में बहुत प्रेम पूर्वक रह रहे थे। लेकिन जवानी में हम दोनों फिसल गए। मेरे भाई की एक गर्लफ्रेंड थी। वो उससे रात में कई घंटों तक बात करती रहती थी। मेरे अलावा किसी और को ये बात पता नहीं थी।

हम दोनों लोग (मैं और भाई) एक ही कमरे में रहते थे। उसी में साथ साथ पढ़ कर सो जाते थे। पहले तो हम लोग एक साथ सोते थे। लेकिन बाद में बड़े होने पर हम दोनों के बिस्तर अलग अलग हो गए। हम दोनों एक ही रूम में अलग अलग सोते थे। मैंने तो पहले कभी नहीं चुदवायी थी। लेकिन अंदर ही अंदर दिल में चुदने की ख्वाहिश सी हो रही थी। मैं चुदने के लिए बहुत ही बेकरार थी। मैंने कई बार भैया से चुदने की कोशिश की। लेकिन हर बार मेरी कोशिश नाकाम रह जाती थी। भैया कभी मेरे इस 34-30-32 के बदन की तरफ झांकते ही नहीं थे। मेरी चूत में तो आग सी लगी थी। कही भी चुदने का मौका नहीं मिल पाता था। मेरे को बस भाई के लंड को खाने के अलावा कोई दूसरा रास्ता भी नहीं था। मैं भाई से डरती थी इसीलिए कुछ भी खुल के कह भी नहीं पाती थीं।

गर्मियों के दिन तो एक दूसरे से दूर रहकर कट गए। ठंडी पड़ रही थी। भाई के सामने मै छोटे छोटे कपडे पहनकर उन्हें अपनी तरफ आकर्षित कर रही थी। मेरे को जल्दी से जल्दी लंड खानी थी। बस एक बार सम्भोग का मॉक्स तो मिल जाता था। भैया का अंडरवियर में देख कर काट खाने को मन करने लगता था। जब भी वो बॉथरूम से निकलते थे। तो वो सिर्फ अंडरवियर में ही रहते थे। मेरे को उनके लंड का दर्शन अच्छे से नहीं हो पाता था। लेकिन उनका लंड अक्सर खड़ा रहता था। भैया भी मेरे को छोटे छोटे कपड़ो में देखकर आहे भर लेते थे। मेरे को मालूम चल गया कि अपना फार्मूला काम कर रहा है। मैं बच्चो की तरह उनके गोद में बैठ जाती थी। उनका लंड मेरी गांड में चुभने लगता था। मै बहुत ही खुश हो जाती थी। मेरे को उनके लंड को खाने का मौका मिलने में कुछ ही समय बाकी था। भैया मेरी तरफ आकर्षित हो चुके थे। जान बूझकर वो अब मेरे को कुछ ज्यादा ही चिपक रहे थे।   

मेरे को पता चल गया कि वो अब मेरे साथ जल्दी ही सम्भोग करने वाले है। भैया मेरे से बिल्कुल ओपेनली सब कुछ कह देते थे। रात को एक दिन वो सो रहे थे। उस दिन ठंडी कुछ बढ़ी हुई थी। मेरे को भी ठंड लग रही थी। खिड़की खोल के देखा तो बाहर बहुत ही कोहरा गिर रहा था। अचानक से उस रात की ठंडी को हम दोनों लोग नहीं सह पा रहे थे। मम्मी पापा उस दिन घर पर नही थे। वो दोनों लोग मामा के यहां गए हुए थे। मेरे को कुछ पता नही था की मम्मा ने रजाई कहाँ रखी हैं।

भैया: सुहाना मेरे की बहोत ठंड लग रही है
मै: ठंड तो मेरे को भी लग रही है
भैया: एक काम करो सुहाना! तुम अपना चादर लेकर मेरे बिस्तर में ही सो जाओ
मै: वो कैसे??
भैया: चादर को डबल कर लेंगे और हम लोग उसी में सो जायेंगे

मेरे को भी तो इसी मौके का इंतजार था। लेकिन भला भैया ऐसा मौका कहाँ छोड़ने वाले थे। आखिर वो मेरे भाई ही तो थे। जैसे उन्होंने कहा मैंने वैसा ही किया मै उनके बगल में जाकर लेट गयी। बड़े दिनों बाद हम दोनों एक दूसरे के साथ सोए हुए थे।
मै: भैया! हम दोनो लोग कितने दिनों के बाद एक दूसरे के साथ सोये हैं
भैया: मेरे को बहुत अच्छा लग रहा है। अब हम दोनों ठंडी भर साथ में ही सोयेंगे
इतना कहकर भैया मेरे से चिपक गए। मै भैया की तरफ अपनी गांड करके लेटी हुई थी। भैया ने अपना पैर उठाकर मेरी गांड पर रख दिया। मेरी गांड पर भैया के लंड महसूस हो रहा था। बिना हाथ लगाए भैया का लंड हिल रहा था। वो जान बूझकर अपना लंड मेरी गांड में लगा रहे थे।

मैं: भैया मेरे को बड़ी अजीब अजीब फीलिंग आ रही है
भैया: तुम्हे क्या करने का मन कर रहा है। जो तुम्हारी फीलिंग हो कर लो! आज के लिए समझ लो हम दोनो लोग भाई बहन नहीं बॉयफ्रेंड गर्लफ्रेंड हैं
मै: मेरे को शर्म आ रही है

उन्होंने मेरे को खूब सारी रोमांटिक बातो को सुनाकर गर्म कर दिया। मै उनकी बात मान गयी। भैया मेरे को अपने करीब लाकर मेरे को चिपका लिया। मेरे पीठ पर हाथ घुमाते हुए मेरी आँखों में आँखे डालकर बात करने लगे। उसकी आँखों में मेरे को हवस की झलक नजर आ रही थी। उस दिन मैंने लैगी और टी शर्ट पहनी हुई थी। hindi sex stories from ONSporn

भैया मेरे होंठो पर अपनी अंगुलियों को घुमाते हुए मेरे गले तक अपनी अंगुलियां ले जा रहे थे। उनका उंगलियां घुमाना मेरे ऊपर जोश में आने का जादू हो रहा था। रोमांटिक माहौल बन चुका था। उन्होंने मेरे होंठ से अपने होठ को सटा कर किस से शुरुवात की। चुम्मे से स्टार्ट करके उन्होंने मेरे को किस करने का उद्दघाटन हो चुका था। मेरे होंठ को चूसने में मस्त हो गये। दोनों होंठो को एक साथ चूसते हुए मेरे को गर्म कर रहे थे। मैं भी गर्म होकर अपनी बूब्स से दबा रही थी। हम दोनो ने एक दुसरे को कस कर जकड लिया था। मेरे मुह के अंदर अपनी जीभ डालकर मेरी जीभ तक को वो चूसने लगे। किस करने के मेरे को आज अलग अलग तरीके मालूम पड़ रहे थे। मै भी उसका साथ दे रही थी। मेरी गरमी बढ़ती ही जा रही थी। मेरी साँसे गर्म होकर निकलने लगी। दिल की धड़कन बढ़ती ही जा रही थी। होंठ चुसाई का सिलसिला लगभग 15 मिनट तक चलता रहा। पहली बार मैं ये सब कर रही थी। वो भी अभी इस खेल में अनाड़ी थे। मेरे को भी इस बारे में ज्यादा कुछ नॉलेज नही था। मैंने अपनी टी शर्ट निकाल कर उस अपने बड़े बड़े बूब्स का दर्शन भैया को करा दिए। भैया समझ गए उनकी प्यारी बहना आज चुदने की तैयार है।     

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भैया: सुहाना तेरा बूब्स तो जितना सोचता था उससे भी बड़ा है
मै: पीकर तो देखो भैया और भी मजा आएगा

मेरी चूंचिया ब्रा में कैद थीं। भैया ने मेरी ब्रा को खोलकर निकाल दिया। मेरे काले रंग के निप्पल पर उसने अपने काले रंग का उसका होंठ लगा दिए। बहोत ही जबरदस्त कंम्बिनेशन लग रहा था। मेरे दूध को दबा दबा कर पी रहे थे। मेरी निप्पल को दांतों से काट काट कर पीते हुए मेरी सिसकारियां निकलवा रहे थे। मै जोर जोर से “उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ… सी सी सी सी….. ऊँ—ऊँ…ऊँ….” की सिसकारियां भर रही थी। मेरे दूध को वो निचोड़ते हुए पी रहे थे। मेरे को बहुत मजा आ रहा था। लगभग 10 मिनट तक उन्होंने दूध पीकर आनंद लिया। अब मेरी बारी थी।

ये सारे स्टेप मेरे को ब्लू फिल्मो में देखने को मिली थी। मैंने उनका पैंट खोला और उसका 4 इंच का सिकुड़ा छोटा लंड निकाला। काला काला उनका लंड बहोत ही भद्दा लग रहा था। उन्होंने मेरे को चूसने को कहा। मैंने हिचकिचाते हुए उनके लंड पर धीरे से अपना जीभ लगा रही थी। थोड़ा सा पानी जैसा कुछ उनके लंड पर लगा हुआ था। मैंने उसे अपनी अंगुलियो से पोछकर चूसने लगी। भैया ने अपना पूरा लंड मेरी मुह में रख दिया। उनका छोटा सा लंड मेरी मुह में आसानी से फिट हो गया। 2 मिनट में मेरे को लगा की मेरा मुह फटने वाला है। उनके लंड ने अपना आकार बढ़ा लिया था। मेरा पूरा मुह उसके लंड से भरा हुआ था। मेरे गले तक उसका लंड घुस गया। मेरा दम घुटने लगा। आँखे जैसे बाहर निकलने वाली हो गयी। मैंने भैया के गांड पर मार मार कर किसी तरह उसके लंड से छुटकारा पाया। hindi sex stories from ONSporn
उसके बाद उनका लंड हिला हिला कर चूसने लगी। कुछ देर बाद उसने मेरा लैगी नीचे सरकाते हुए निकाल दिया। मै अब सिर्फ पैंटी में थी। मेरे को उसने सोफे पर बिठाकर खुद नीचे बैठ गए। मेरी चूत के दर्शन के लिये उन्होंने मेरी पैंटी निकाल दी। मेरी टांगो को फैलाकर मेरी चूत के दर्शन किया। भैया ने अपना मुह लगाकर मेरी चूत की चटाई शुरू कर दी। मेरी चूत से निकला थोड़ा बहोत माल उसने चाट चाट कर साफ़ कर दिया। मै जोर जोर से “……अई… अई….अई……अई….इसस्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” की चीख निकालने लगीं। भैया अपनी जीभ मेरी चूत में घुसाने लगे। मै बहोत ही उत्तेजित हो गयी।
मै: सी.. सी…और न तड़पाओ मेरे प्यारे भैया अब तुम अपना लंड मेरी चूत में डाल दो!!       

भैया: तू मेरी गर्लफ्रेंड बनी है आज। तेरे को तो मैं बहुत पहले से ही चोदना चाहता था। तुझे तो मैं खूब तड़पा कर ही चोदूंगा

इतना कहकर वो और जोर जोर से मेरी चूत चाटने लगे। उनके जीभ की रगड़ से मेरी चूत ने अपना पानी निकाल दिया। भैया ने सारा माल पीकर मेरी गीली चूत पर अपना लंड रगड़ने लगे। मेरे को उसके लंड की रगड़ बर्दाश्त नहीं हो रही थी। मैंने अपने हाथों से उसका लंड पकड़कर अपनी चूत के छेद पर लगा दिया। उसने जोर का धक्का मारा। उनका टोपा ही अंदर घुसा था। मेरी मुह से “……मम् मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ …. ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” की चीख निकल गयी। मेरी चूत अंदर से काफी गीली थी। भैया ने अपना लंड धीरे धीरे करके पूरा अंदर घुसा दिया। मेरी चूत का बहुत बुरा हाल हो गया। मेरी सील पहले से ही टूटी थी। दर्द तो बहोत हुआ लेकिन खून नहीं निकला। मेरे चूत में अपना लंड घुसाये ऊपर नीचे होकर चुदाई कर रहे थे।  

मैं भी मजे ले ले कर चुदवा रही थी। वो जोर जोर से अपना लंड मेरी चूत फाडने लगे। मै अपनी अंगुलियों से चूत को मसलते हुए मसाज के साथ चुदवा रही थी। मेरी चूत बहुत ही गर्म हो चुकी थी। उनका टाइट लंड मेरे को बहुत दर्द दे रहा था। मै भी “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” की आवाज के साथ संभोग का सारा मजा ले रही थी। चुदाई में इतना आनंद मिलता है। मेरे को आज पता चल रहा था। भैया भी अपनी कमर मटका मटका कर हिलाते हुए मेरी चूत चुदाई कर रहे थे। एक ही पोजीशन में मेरे को उन्होंने 20 मिनट तक चोदा। वो थक कर धीरे धीरे चोदने लगे। hindi sex stories from ONSporn

भैया ने कुछ देर तक मेरे को किस किया। उन्होंने थोड़ा रिलैक्स करके फिर से चोदने का मूड बना लिया। मेरे को कुतिया बना कर खड़ा होकर चोदने की पोजीशन बना दी। कुत्ते की तरह अपना लंड हिलाते हुए मेरी चूत में अपना लंड रगड़ कर घुसाने लगे। पूरा लंड घुसाकर मेरी चूत चोदने लगे। इस बार की चुदाई बहोत तेजी से करने लगे। पूरा कमरा मेरी चीख से भरा हुआ था। मैं भी जोर जोर से “आऊ…..आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा..” की आवाज निकाल कर चुदने लगी। मेरी चूत का उन्होंने भरता बना डाला। मेरी टाइट चूत ढीली हो गयी। मेरे को उनका मोटा लंड खाने में बहुत मजा आने लगा। हच… हच करके मेरी चूत को उसने मेरी चूत का कचरा कर दिया। मेरी चूत उसके लंड की रगड़ ज्यादा देर तक बर्दाश्त न कर सकी।

बार बार झड़ कर मेरी चूत गीली हो गयी। वो भी अपनी गाड़ी उस गीली चूत में ही चलाये रहा। मै बहुत ही थक गयी थी। मै “हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ ….ऊँ—ऊँ…ऊँ सी सी सी सी… हा हा हा.. ओ हो हो….” की आवाज के साथ चुद रही थी। भैया भी ज्यादा देर नहीं टिक सकते थे। वो भी झड़ने वाले हो गए। मेरी चूत से अपना लंड निकाल कर चूत के ऊपर सारा माल गिरा दिया। उसके बाद वो थक हारबकर मेरे ऊपर लेट गए। कुछ देर बाद मैंने माल को साफ़ किया। उसजे बाद उन्होंने कई बार चुदाई की। 

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